भाग 3 – भीमचंडी मंडल : काशी की रक्षिका और शक्ति का द्वार कर्दमेश्वर की शांति पीछे छूट चुकी होती है। अब मार्ग बदलने लगता है। सूर्य ऊपर चढ़ आता है। धूल भरे पथ, खेतों के…
On a journey to find our spirtual soul
भाग 3 – भीमचंडी मंडल : काशी की रक्षिका और शक्ति का द्वार कर्दमेश्वर की शांति पीछे छूट चुकी होती है। अब मार्ग बदलने लगता है। सूर्य ऊपर चढ़ आता है। धूल भरे पथ, खेतों के…
भाग 2 – कर्दमेश्वर मंडल : पंचक्रोशी का प्रथम द्वार रात्रि का अंतिम अंधकार धीरे-धीरे पीछे छूट रहा होता है। काशी की गलियाँ, आरती की स्मृति और मणिकर्णिका का धुआँ मानो अब भी यात्री के वस्त्रों…
काशी की पंचक्रोशी यात्रा में केवल पाँच पड़ाव ही नहीं, बल्कि 108 से अधिक देवस्थल, 56 विनायक, भैरव, देवी-तीर्थ, कुंड और शिवलिंगों का एक विशाल आध्यात्मिक मंडल समाहित माना जाता है। काशी पंचक्रोशी यात्रा 108 मंदिर और दिव्य मंडल भाग 1…
काशी की “पाँच कोश यात्रा” से सामान्यतः आशय पंचकोशी / पंचक्रोशी यात्रा से होता है यह काशी की दिव्य परिक्रमा है, जो लगभग 25 कोस (80–90 किमी) में फैली हुई है और पाँच मुख्य पड़ावों तथा असंख्य देवस्थलों को जोड़ती…