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Tag: मोक्ष यात्रा

कपिलधारा और जौं विनायक को पंचक्रोशी यात्रा का अंतिम पड़ाव क्यों माना जाता है?

भाग 6 – कपिलधारा और जौं विनायक : पंचक्रोशी की पूर्णाहुति और मोक्ष का मौन–  शिवपुर पीछे छूट चुका होता है। अब यात्रा का स्वर बदल जाता है। शरीर अत्यंत थका हुआ होता है। पैरों में छाले पड़…

काशी पंचक्रोशी यात्रा के प्रमुख मंदिर, विनायक और आध्यात्मिक मंडल

 काशी की पंचक्रोशी यात्रा में केवल पाँच पड़ाव ही नहीं, बल्कि 108 से अधिक देवस्थल, 56 विनायक, भैरव, देवी-तीर्थ, कुंड और शिवलिंगों का एक विशाल आध्यात्मिक मंडल समाहित माना जाता है।   काशी पंचक्रोशी यात्रा 108 मंदिर और दिव्य मंडल  भाग 1…

जब काशी बुलाती है: पंचक्रोशी यात्रा कैसे बदल देती है मन, आत्मा और जीवन

काशी की “पाँच कोश यात्रा” से सामान्यतः आशय पंचकोशी / पंचक्रोशी यात्रा से होता है यह काशी की दिव्य परिक्रमा है, जो लगभग 25 कोस (80–90 किमी) में फैली हुई है और पाँच मुख्य पड़ावों तथा असंख्य देवस्थलों को जोड़ती…

“पैर बाहर चलते हैं, लेकिन यात्रा भीतर होती है…” काशी पंचकोशी यात्रा का अद्भुत रहस्य

पुरुषोत्तम मास में केवल व्रत और पूजा ही नहीं, बल्कि “पंचकोश यात्रा” और पंचकोशी/परिक्रमा यात्राओं का भी विशेष महत्व माना गया है विशेषकर काशी में। यहाँ एक सुंदर बात समझनी चाहिए “पंचकोश” (आंतरिक पाँच…