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Tag: जौं विनायक

काशी का रक्षक मंडल क्या है? जानिए कालभैरव, अष्टभैरव और 56 विनायकों का महत्व

भाग 7 – काशी का रक्षक मंडल : कालभैरव, अष्टभैरव और 56 विनायकों का रहस्य  कपिलधारा की शांति और मणिकर्णिका की पूर्णाहुति के बाद भी काशी की कथा समाप्त नहीं होती। क्योंकि काशी केवल मंदिरों का नगर नहीं। वह एक जीवित आध्यात्मिक मंडल मानी…

कपिलधारा और जौं विनायक को पंचक्रोशी यात्रा का अंतिम पड़ाव क्यों माना जाता है?

भाग 6 – कपिलधारा और जौं विनायक : पंचक्रोशी की पूर्णाहुति और मोक्ष का मौन–  शिवपुर पीछे छूट चुका होता है। अब यात्रा का स्वर बदल जाता है। शरीर अत्यंत थका हुआ होता है। पैरों में छाले पड़…

काशी पंचक्रोशी यात्रा के प्रमुख मंदिर, विनायक और आध्यात्मिक मंडल

 काशी की पंचक्रोशी यात्रा में केवल पाँच पड़ाव ही नहीं, बल्कि 108 से अधिक देवस्थल, 56 विनायक, भैरव, देवी-तीर्थ, कुंड और शिवलिंगों का एक विशाल आध्यात्मिक मंडल समाहित माना जाता है।   काशी पंचक्रोशी यात्रा 108 मंदिर और दिव्य मंडल  भाग 1…

जब काशी बुलाती है: पंचक्रोशी यात्रा कैसे बदल देती है मन, आत्मा और जीवन

काशी की “पाँच कोश यात्रा” से सामान्यतः आशय पंचकोशी / पंचक्रोशी यात्रा से होता है यह काशी की दिव्य परिक्रमा है, जो लगभग 25 कोस (80–90 किमी) में फैली हुई है और पाँच मुख्य पड़ावों तथा असंख्य देवस्थलों को जोड़ती…