भाग 2 – कर्दमेश्वर मंडल : पंचक्रोशी का प्रथम द्वार रात्रि का अंतिम अंधकार धीरे-धीरे पीछे छूट रहा होता है। काशी की गलियाँ, आरती की स्मृति और मणिकर्णिका का धुआँ मानो अब भी यात्री के वस्त्रों…
On a journey to find our spirtual soul
भाग 2 – कर्दमेश्वर मंडल : पंचक्रोशी का प्रथम द्वार रात्रि का अंतिम अंधकार धीरे-धीरे पीछे छूट रहा होता है। काशी की गलियाँ, आरती की स्मृति और मणिकर्णिका का धुआँ मानो अब भी यात्री के वस्त्रों…
बाहरी उपवास से भी आगे, आत्मा की यात्रा पुरुषोत्तम महीना केवल पंचांग में जुड़ा एक अतिरिक्त मास नहीं है यह मनुष्य के भीतर छिपे हुए पंचकोशों को समझने और शुद्ध करने का भी अवसर माना…