“पैर बाहर चलते हैं, लेकिन यात्रा भीतर होती है…” काशी पंचकोशी यात्रा का अद्भुत रहस्य
पुरुषोत्तम मास में केवल व्रत और पूजा ही नहीं, बल्कि “पंचकोश यात्रा” और पंचकोशी/परिक्रमा यात्राओं का भी विशेष महत्व माना गया है विशेषकर काशी में। यहाँ एक सुंदर […]
पुरुषोत्तम मास में केवल व्रत और पूजा ही नहीं, बल्कि “पंचकोश यात्रा” और पंचकोशी/परिक्रमा यात्राओं का भी विशेष महत्व माना गया है विशेषकर काशी में। यहाँ एक सुंदर […]
बाहरी उपवास से भी आगे, आत्मा की यात्रा पुरुषोत्तम महीना केवल पंचांग में जुड़ा एक अतिरिक्त मास नहीं है यह मनुष्य के भीतर छिपे हुए पंचकोशों को समझने और शुद्ध
पुरुषोत्तम महीना (अधिक मास): जब समय को भी ईश्वर की शरण में जाना पड़ा समय केवल घड़ी की सुइयों में नहीं चलता कभी-कभी समय स्वयं भी ठहरकर ईश्वर की ओर देखता है। सनातन