कामाख्या: तंत्र की राजधानी
कामाख्या: काली रूप में देवी और दस महाविद्याओं का रहस्य , तंत्र की राजधानी का रहस्य (part 4) “क्या आप […]
कामाख्या: काली रूप में देवी और दस महाविद्याओं का रहस्य , तंत्र की राजधानी का रहस्य (part 4) “क्या आप […]
मंदिर के द्वार बंद, पुजारी भी नहीं अंदर,रहस्य कुंड से निकलता है सिंदूरी जल,रक्त वस्त्र प्रसाद, चमत्कारी है वो वस्त्र,धारण
नीलांचल की गोद में विराजे जो धाम,जहाँ स्वयं ब्रह्मा भी झुके, ले तेरा नाम।न मंदिर में मूर्ति, न आँखों का
“कामाख्या के रहस्य गहरे, शक्तिपीठों में है धाम न्यारा।अंबुबाची पर्व अनोखा, तंत्र-मंत्र का अद्भुत द्वारा।।” तंत्र–साधना का महाधाम, कामाख्या करती